22 साल पहले इस शख्स ने दिया था 'तारक मेहता...' का आइडिया, बदली असित मोदी की किस्मत
'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) आज टीवी के सबसे पॉप्युलर फैमिली कॉमिडी शोज में से एक है। यह शो पिछले 13 सालों से लगातार दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है। 'जेठालाल' (Jethalal)से लेकर 'दयाबेन' (Dayaben), 'बापूजी' (Bapuji) और 'बबीता जी' (Babita Ji) तक, 'तारक मेहता...' का हर एक किरदार लोगों के दिलों में बसा हुआ है। पर क्या आप जानते हैं कि 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' शो बना कैसे था? असल में यह किसका आइडिया था?अगर यह ऐक्टर ना होता तो शायद असित मोदी (Asit Kumarr Modi) 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) जैसा हिट कॉमिडी शो नहीं बना पाते। इस ऐक्टर के कारण ही असित मोदी को 'तारक मेहता...' कॉमिडी शो बनाने का आइडिया (man behind Taarak Mehta success) मिला। इसके बाद असित मोदी ने जी-जान लगा दी। नतीजा यह है कि पिछले 13 सालों से 'तारक मेहता...' लगातार हिट रहा है।

'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) आज टीवी के सबसे पॉप्युलर फैमिली कॉमिडी शोज में से एक है। यह शो पिछले 13 सालों से लगातार दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है। 'जेठालाल' (Jethalal)से लेकर 'दयाबेन' (Dayaben), 'बापूजी' (Bapuji) और 'बबीता जी' (Babita Ji) तक, 'तारक मेहता...' का हर एक किरदार लोगों के दिलों में बसा हुआ है। पर क्या आप जानते हैं कि 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' शो बना कैसे था? असल में यह किसका आइडिया था?
'तारक मेहता...' की कहानी, असित मोदी की जुबानी

'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' बनाने का आइडिया मशहूर फिल्म और टीवी स्टार जतिन कनकिया का था। उन्होंने ही प्रड्यूसर असित मोदी को यह शो बनाने का आइडिया था। असित मोदी ने 2018 में TEDxTalks पर बातचीत में 'तारक मेहता...' की शुरुआत और इसकी सक्सेस की कहानी बताते हुए जतिन कनकिया का किस्सा भी सुनाया था।
जतिन कनकिया ने दिया आइडिया

असित मोदी ने बताया था कि जब वह सास-बहू और गंभीर टीवी शोज से इतर कुछ कॉमिडी शो बनाने के बारे में सोच रहे थे तो समझ नहीं पा रहे थे कि ऐसा क्या बनाएं, जिसमें लोगों को रोजाना कॉमिडी देखने को मिले और वो खूब हंसें। असित मोदी उन दिनों जतिन कनकिया के साथ 'हम सब एक हैं' शो में काम कर रहे थे। असित मोदी ने जब यह बात जतिन के साथ शेयर की तो उन्होंने 'तारक मेहता ने ऊंधा चश्मा' कॉलम का नाम लिया और कहा कि वह इसके ऊपर शो बना सकते हैं।
जतिन ने कहा- तारक का 'दुनिया ने ऊंधा चश्मा' पर बनाओ

असित मोदी ने कहा था, 'मैं वैसे तो सीरियस भी हूं, पर हंसी-मजाक के बिना नहीं रह सकता हूं। मुझे मेरे सामने हंसने वाला चाहिए और ऐसा माहौल भी कि मैं खुद भी हंसू। तब मैंने सोचा कि क्यों न ऐसा शो बनाऊं जिसमें कॉमिडी हो और वह भी रोजाना। फिर सोचा कि इसके लिए क्या किया जाए? एक शो था मेरा 'हम सब एक हैं'। उसमें एक आर्टिस्ट साथ में काम करते थे जतिन कनकिया। जतिन कनकिया ने कहा कि तारक भाई का 'दुनिया ने ऊंधा चश्मा' कॉलम है, उसपे शो हो सकता है।
असित मोदी ने आगे बताया कि जतिन की बाद सुनकर उन्होंने उनसे कहा, 'मैं तो इसे बचपन से पढ़ता हूं। कॉलेज में मेरा फेवरिट था। मैं चित्रलेखा मैगजीन ही उसी की वजह से खरीदता हूं। तो कनकिया बोले कि उसके ऊपर कुछ हो सकता है। मैंने भी कहा कि हां उसमें बहुत जबरदस्त कैरेक्टर्स हैं। पर वो स्टोरी तो मुंबई के एक चॉल सिस्टम में हैं। उसमें स्टोरी नहीं हैं। वह तो खाली केवल एक इंसिडेंट है। फिर मैंने उस पर सोचा कि ऐसा क्या किया जाए कि इसमें रोजाना कॉमिडी निकले।' (फोटो: Facebook@Shrimaan Shrimati)
किया खूब स्ट्रगल, 2 साल नहीं था कोई काम

असित मोदी ने उस वक्त को याद किया जब उनके 'तारक मेहता' के आइडिया को सब लोगों और चैनलों ने रिजेक्ट कर दिया, पर सब टीवी ने मौका दिया। उन्होंने बताया कि 2000 से लेकर 2008 तक उन्हें बहुत स्ट्रगल करना पड़ा। बीच में 2 साल ऐसे भी थे जब असित मोदी के पास कोई काम नहीं था। असित मोदी ने बताया कि 2001 में उन्होंने 'तारक मेहता ने ऊंधा चश्मा' के राइट्स खरीदे। चूंकि उस वक्त डेली सोप्स का ट्रेंड था, इसलिए हर किसी ने उनके कॉमिडी शो के आइडिया को रिजेक्ट कर दिया। उन्हें अपने इस शो को टीवी पर लाने में 8 साल लग गए।
जिसके पास गए, उसी ने किया रिजेक्ट

असित कुमार मोदी ने कहा, 'जिसके पास जाता, वही मना कर देता और कहता कि इसमें रोज-रोज कहां से और कैसे कॉमिडी लाओगे? फिर बहुत सोचा और सोचते-सोचते एक विश्वास हो गया कि नहीं यह हो सकता है। मैं एक ऐसी सोसाइटी बनाऊं जहां सब पॉजिटिव हो, प्रोग्रेसिव हो। लड़ाई-झगड़ा जरूर हो, पर मीठा हो। मैंने सोचा कि एक फैमिली शो बनाऊंगा, जिसे देखकर कोई शर्मिंदा न हो।' आज 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' टीवी के हिट कॉमिडी शोज में से एक हैं और सबसे ज्यादा लंबे समय तक चलने वाले सीरियलों में भी शामिल है।
अब इस दुनिया में नहीं जतिन कनकिया, 1999 में मौत

वहीं जतिन कनकिया अब इस दुनिया में नहीं हैं। जतिन कनकिया को 'प्रिंस ऑफ कॉमिडी' कहा जाता था। उन्होंने 'श्रीमान श्रीमती' में केशू कुलकर्णी का यादगार रोल प्ले किया था और कई हिंदी टीवी शोज, हिंदी फिल्मों और गुजराती नाटकों में भी काम किया। टीवी की दुनिया में जतिन कनकिया ने 'कभी ये कभी वो', 'पड़ोसन', 'बात एक राज़ की', 'चश्मे बद्दूर', 'गुदगुदी', 'ऑल दे बेस्ट' और 'मिसेज माधुरी दीक्षित' जैसे दर्जनों टीवी शोज में काम किया। साल 1999 में ही जतिन कनकिया के साथ वह हुआ जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। मात्र 46 साल की उम्र में ही उनकी पैनक्रियाटिक कैंसर से मौत हो गई। (फोटो: Facebook@Shrimaan Shrimati)
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